Home >>> सोनभद्र / सिंगरौली >>> सिंगरौली हैवी ब्लास्टिंग से लोग दहशत में,मुआवजा देकर मामले को दबाने में जुटा क्रेशर संचालक

सिंगरौली हैवी ब्लास्टिंग से लोग दहशत में,मुआवजा देकर मामले को दबाने में जुटा क्रेशर संचालक

हैवी ब्लास्टिंग से लोग दहशत में,मुआवजा देकर मामले को दबाने में जुटा क्रेशर संचालक

मामला माडा थाना अंतर्गत करामी का,ग्रामीण पहुचे कलेक्टर की शरण मे

सिंगरौली। जिले की ग्राम पंचायत करामी में संचालित पत्थर की खदान के संचालक द्वारा अनियंत्रित रूप से हैवी ब्लास्टिंग करके जो तबाही मचायी गयी है उससे स्थानीय किसानों में भयंकर रूप से आक्रोश देखा जा रहा है। सूत्र बताते है कि ब्लास्टिंग के बाद हुये नुकसान की भरपाई की एवज में क्षेत्र के ही कुछ दलालों की मदद से पत्थर खदान के मालिक ने रूपयों की कुछ पंजीरी कुछ लोगों में बांट दी है। अब स्थिति यह है कि जो लोग खदान के क्रियाकलापों का विरोध कर रहे है उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जगतलाल जायसवाल के साथ की गयी मारपीट की वानगी है जिसका प्रकरण थाने में चल रहा है। ब्लास्टिंग से ७०० मीटर के क्षेत्रफल में फसल, मकान, जमीन एवं मवेशियों की जो क्षति हुयी है उसकी भरपाई अभी तक नहीं की गयी है और ना ही प्रशासन के किसी नुमाइंदे ने इस ग्रामीण अंचल में जाकर ग्रामीणों का दुख दर्द बांटने का काम किया है। यहाँ तक की चुनाव के वक्त प्रचार कर रहे किसी प्रत्याशी ने भी करामी में जाकर इनकी हाल-चाल नहीं ली। ब्लास्टिंग से प्रभावित ग्रामीण बैढ़न आकर कलेक्टर कार्यालय घेरने की तैयारी में है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रूद्र गुप्ता पिता मुनीब गुप्ता निवासी खड़िया बाजार उप्र द्वारा करामी गांव की अराजी खसरा नंबर १२२ रकवा ४ हेक्टेयर को पत्थर की खदान के रूप में लीज करवाया था। जो कि करामी गांव की चारागाह की जमीन बतायी जाती है। यदि पुराने खसरे का अवलोकन किया जाये तो यह जमीन मवेशियों के चारागाह के लिये सुरक्षित थी। लेकिन राजस्व विभाग, खनिज विभाग की परस्ती में चारागाह की भूमि को तब्दील करके वहाँ पत्थर की खदान की लीज की गयी। इतना ही नहीं खसरा क्रमांक १२२ के अलावा जिन भूमिहीन को करामी में पट्टा दिया गया था वहाँ वे कृषि कार्य नहीं कर पा रहे है। गरीबों के लिए आवंटित भूमि पर ब्लास्टिंग का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बड़ी घटना से पहले भी ब्लास्टिंग से नुकसान हुआ था। ग्रामीणों के प्रतिरोध पर उनके साथ मारपीट करके उन्हें भगा दिया गया था। गत १४ नवम्बर की ब्लास्टिंग की घटना से स्थानीय ग्रामीण अपने नुकसान को लेकर काफी आतंकित है। उन्होंने कहा कि मुआवजा देना कोई समस्या का हल नहीं है। पत्थर के खदान के संचालक द्वारा नियमो के विपरीत कार्य करने के कारण उस पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए। क्षतिपूर्ति इस समस्या का समाधान नहीं है।

अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

loading...

Check Also

गोविन्दपुर,27 नवम्बर विज्ञान एवं तकनिकी विभाग भारत सरकार विज्ञानं प्रसार के तहत 24से 27 नवम्बर 4 दिवसीय प्रकृति अध्ययन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बनवासी सेवा आश्रम व विकास संसथान इलाहाबाद के संयुक्त संयोजन में संपन्न हुआ।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बी. डी. ओ.म्योरपुर व भाऊराव देवरस राजकीय …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com