बता दें कि रविवार शाम को बसंती देवी का निधन हुआ। उनके पति मिठु चौधरी ने अंतिम संस्कार से पहले अपनी पत्नी की मांग में सिंदूर भरा। विधि-विधान के अनुसार, पति को पत्नी के मांग में सिंदूर भरना होता है। सिंदूर भरने के करीब 30 मिनट बाद ही मिठु चौधरी की भी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
ग्रामीणों का मानना है कि यह दंपति बेहद भाग्यशाली था। उन्होंने जीवन भर एक-दूसरे का साथ दिया और अंत में भी एक साथ ही विदा हुए। शादी के सात फेरे के वचन को उन्होंने अंतिम समय तक निभाया। दोनों की शवयात्रा को देखकर लोग भावुक हो उठे।
लोगों का कहना है कि मिठु चौधरी और बसंती देवी की कहानी एक अटूट बंधन का प्रतीक है। उन्होंने जीवन भर एक-दूसरे का साथ दिया और अंत में भी एक साथ ही विदा हुए।
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