Home >>> धर्म

धर्म

श्रीराम जी की बाल लीला देख सभी हुए अभिभूत * प्रभु ने बाल्यकाल से ही सभी को पढ़ाया मर्यादा का पाठ,हर पग पर मर्यादा का किया पालन * प्रभु के नाम के स्मरण मात्र से ही जीवन हो जाता है धन्य, उपेन्द्र तिवारी

दुद्धी-सोनभद्र, पावन पुरुषोत्तम मास के अवसर पर स्थानीय कस्बे में चल रहे श्री राम महायज्ञ में पाँचवे दिन श्रीराम कथा में पूज्य व्यास श्री सत्यांसु जी महाराज ने प्रभु श्रीराम जी की बाल लीलाओं का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया। प्रभु श्रीराम की बाल लीला की कथा का वर्णन करते …

Read More »

परम गीता रमेन्द्र पाण्डेय व्रह्म्योगर्षि हृदय में अनु-राग भी सदैव विद्यमान रहते ही हैं

| जैसे जीवात्मा की इस देह में कुमार युवा व वृद्ध अवस्था होती है , वैसे ही अन्यान्य शरीर प्राप्ति में धीर पुरुष मोहित नहीं होता | हे कुन्ती पुत्र ! सर्दी-गर्मी,सुख-दुख देने वाली इन्द्रियों और विषयों के संयोग अनित्य व क्षण भंगुर हैं| अत: अर्जुन तू इसका त्याग कर …

Read More »

क्यों मनाया जाता है गंगा दशहरा – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 18, 2018 जिस दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, उस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी। तभी से इस दिन को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाने लगा। माना जाता है कि मां गंगा अपने साथ पृथ्वी पर संपन्नता और …

Read More »

आत्म पुराण – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 इसी प्रकार इस आनंद स्वरूप आत्मा में यह जगत वास्तव में तो नहीं है, पर उसमें प्रतीत होता रहता है, इसलिए यह जगत ही मिथ्या है। हे जनक! जिस आत्मा रूपी अधिष्ठान में यह संपूर्ण जगत कल्पित है वह आत्मा कैसा है? यह आनंद स्वरूप …

Read More »

अनमोल वचन – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

* भगवान उसकी मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करता है * ईश्वर के हाथ देने के लिए खुले हैं, लेने के लिए तुम्हें प्रयास करना होगा * पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें  अंतःकरण को उज्ज्वल करती हैं * सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमें अनेक फल लगते हैं * व्यक्ति की पहचान कपड़ों से नहीं, अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है अपने Read More »

ये हैं भारत के सबसे बड़े दस अनसुलझे सवाल – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 यह एक सवाल है कि क्या वास्तव में ताजमहल ही तेजोमहालय है? अगर यकीन मानें तो यह महान इमारत जयपुर के राजा के अधीन थी और जब शाहजहां ने इसे जबरन अपने अधीन किया तो इसमें कुछ बदलाव कर इसे एक मकबरे की शक्ल दे …

Read More »

इंद्रियों पर ध्यान – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 श्रीश्री रविशंकर ज्यादा जरूरी क्या है वस्तुएं, इंद्रियां, मन या बुद्धि? इंद्रिय के साधन से इंद्रियां अधिक जरूरी हैं। टेलीविजन से तुम्हारी आंखें अधिक जरूरी हैं, संगीत या ध्वनि से तुम्हारे कान अधिक जरूरी हैं। स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों या आहार से जिह्वा अधिक जरूरी है। …

Read More »

संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर द्रोणाचार्य – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 द्रुपद  उस समय ऐश्वर्य के मद में चूर थे। उन्होंने द्रोण से कहा, तुम मूढ़ हो, पुरानी लड़कपन की बातों को अब तक ढो रहे हो, सच तो यह है कि दरिद्र मनुष्य धनवान का, मूर्ख विद्वान का तथा कायर शूरवीर का मित्र हो ही नहीं सकता। द्रुपद  की बातों से अपमानित होकर द्रोणाचार्य वहां से उठ कर हस्तिनापुर की ओर चल दिए… संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर द्रोणाचार्य भरद्वाज मुनि के पुत

Read More »

कृष्ण का अर्जुन को संदेश – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 महेश योगी यह अर्जुन के अपरिहार्य गुण का प्रतीक है। गुणाकेश का अर्थ है निद्रा का राजा। वह जिसका निद्रा पर बुद्धि पर जड़ता पर आधिपत्य है। इस शब्द से अर्जुन के बुद्धि की एकाग्राता व्यक्त होती है। कभी विफल न होने वाले धनुर्धर के …

Read More »

जानिए दस सिर वाले रावण के रहस्य – Divya Himachal: No. 1 in Himachal news – News – Hindi news – Himachal news – latest Himachal news..

Last updated May 11, 2018 एक बार रावण ने एक सुंदर अप्सरा को देखा। वो अप्सरा नल कुबेर की प्रेयसी थी। रावण ने उस अप्सरा को अपनी राक्षसी प्रवृत्ति का शिकार बना डाला। नल कुबेर ने रावण को श्राप दिया कि यदि वो किसी भी स्त्री को उसकी इच्छा के विरुद्ध छुएगा तो उसके मस्तक के सात टुकड़े हो जाएंगे… -गतांक से आगे… क्यों बनी वानरों की सेना? अब सवाल ये उठता है कि जब श्री राम व

Read More »
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com