शवों की पहचान 5 वर्ष दीपक कुमार और 7 वर्षी लक्ष्मी के रूप में हुई है. दोनों भाई-बहन एक आवासीय परिसर में खड़ी कार के अंदर बेहोश पाए गए थे. उनके पिता गणेश साव मज़दूरी करते हैं और मां किरण देवी घरों में काम करती हैं. कार को जब्त कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
परिजनों के मुताबिक, बच्चे दोपहर करीब 12:30 बजे पड़ोस में रहने वाली ट्यूशन टीचर के घर पढ़ने गए थे. लेकिन शाम तक वापस न लौटने पर उनकी तलाश शुरू की गई. शाम 4 बजे जब मां ने टीचर को फोन किया, तो उन्होने बताया कि बच्चे घर तो घर चले गए हैं. शाम करीब 7 बजे दोनों बच्चे घर से थोड़ी ही दूरी पर खड़ी कार में मिले. उन्हें तत्काल LNJP अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
शोकाकुल मां किरण देवी का आरोप है कि उसके बेटे के शरीर पर चोटों के निशान थे और बेटी का गला घोंटकर हत्या की गई. उनका कहना है कि बच्चों की हत्या के बाद शव कार में छिपाए गए. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे पिछले चार महीनों से एक ही ट्यूशन क्लास में पढ़ रहे थे.
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोग और रिश्तेदार न्याय की मांग करते हुए जुट गए. पुलिस ने पुष्टि की है कि शवों पर चोटों के निशान हैं. एएसपी मोहम्मद हबीबुल्लाह ने बताया कि सभी पहलुओं से जांच जारी है और कार मालिक सहित कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट होगा.
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