VPR कम्पनी मे कर्मचारियों का हो रहा शोषण- नायर के काला चिट्टा का खुलेगा पोल
कोल इंडिया की नार्दन कोल फील्ड्स जयन्त परियोजना मे कार्यरत VPR आउटसोर्सिन्ग कंपनि मे विस्थापितों को रोजगार प्रथम वरीयता पर शासन प्रशासन जन प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मुहैया कराया गया है। लेकिन कम्पनी मैनेजर के मनमानी रवैये से स्थानीय जन प्रतिनिधियों मे काफी आक्रोश व्यक्त है। वही एनजीटी का भी खुला उलंघन किया जा रहा है । गाड़ी के क्षमता से ज्यादा मिट्टी लोड कर माईन्स मे परिवहन किया जा रहा जिसकी देख रेख RTO को भी पत्र लिख कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी । ओबी प्रबंधन तत्काल अपनी आखे नही खोले तो कम्पनी के एक एक गतिविधियो पर प्रकाश डाला जायेगा ।
एन सी एल मे कार्यरत प्राइवेट ओवरबर्डेन कम्पनीयो द्वारा समय समय पर मजदूरो का शोषण व उनके साथ बदसलूकी आम बात हो गया है।
लेकिन न जाने क्यों एन सी एल प्रवन्धन, श्रमायुक्त/ श्रम विभाग,श्रमिक युनियने “आँख मूदे”, “कान में तेल डालें”, “हाथ” पर “हाथ” रखे” चुप चाप बैठे रहते है, जिस कारण इनके ऊपर भी सवालिया निशान खड़ा होना स्वभाविक है-?
मध्य प्रदेश की सीमा में स्थित एन सी एल के परियोजनाओं की स्थिति तो वर्षो से वेहद चिंताजनक है,
यहा के राजनैतिक दल चाहे पक्ष ,विपक्ष हो या एन सी एल की यूनियनें सभी सरसैया पर भीष्म की तरह सोए ,अपना “जमीर” गिरवी रख मजदूरों के शोषण में परोक्ष रुप से अहम किरदार बने हुए है, यही कारण है कि मजूदरो का शोषण बदस्तूर जारी है ।
आउटसोर्सिंग कम्पनियों में शोषित श्रमिको की आँखे खोलते हुए उनमें जुल्म के खिलाफ जेहाद छेडने का उत्साह व साहस का संचार कर दिया है।
इसका असर अब दिखने भी लगा है जयन्त में श्रमिकों के शोषण व रोजगार के खिलाफ किया गया जंग का एलान चिंगर बनजाऐगा ।
यह आंदोलन श्रमिक संगठनों को भी झखजोर के रख देगा ।
अब उनकी भी अंतर आत्मा उन्हें धिक्कारने लगी है।
सूत्रों पर भरोषा करे तो अब वह दिन दूर नही है जो शोषण के खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा ।