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केंद्रीय बजट 2025 को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कसी कमर

केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट 2025 को लेकर कमर कस ली है. शुक्रवार को कृषि मंत्री ने एक विशेष बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने विभिन्न राज्यों के मंत्रियों द्वारा बजट के लिए भेजे गए सुझावों की समीक्षा की. इस बैठक में शिवराज सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता किसानों व गांवों की गरीबी मिटाने के साथ-साथ ग्रामीण विकास है. गौरतलब है कि 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट 2025-26 लोकसभा में पेश होगा, जिसमें कृषि बजट पर देश की खासी नजर रहेगी.

विकसित गांवों के बिना विकसित भारत संभव नहीं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बैठक के बाद कहा, ” आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है. विकसित भारत का रास्ता ग्रामीण भारत के विकास से हो कर जाता है. विकसित गांवों के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती. हमारे गांव गरीबी मुक्त हों, गांव का हर भाई-बहन रोजगार से जुड़ा हो, ये सपना बड़ा है लेकिन हम मिलकर मेहनत करेंगे और इसे पूरा करेंगे.”SHIVRAJ SINGH ON UNION BUDGET 2025

केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे कहा, ” आज राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों से चर्चा हुई कि किस तरह हम समयबद्ध लक्ष्य हासिल कर सकते हैं, किस तरह संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकते हैं. इस दौरान राज्यों के मंत्रियों से आने वाले बजट के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी मिले. हम सबका लक्ष्य है कि विकसित गांव और विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करेंगे.”

कैसा होगा मामा का बजट?

मध्यप्रदेश में मामा के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज के बजट पर किसानों की खासी नजर होगी. 1 फरवरी को यूनियन बजट 2025 लोकसभा में पेश होगा. इसमें शिवराज नाराज किसानों को मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे. एमएसपी से लेकर डीएपी के मुद्दों तक किसानों की बढ़ती नाराजगी को कम करने के लिए इस बजट में बड़ी राहत भी दी जा सकती है. इस बजट में सरकार का फोकस मॉर्डन व नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के साथ फसल बीमा, एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट आदि पर हो सकता है.

किसानों की मदद के लिए खोजे जा रहे नए रास्ते

शुक्रवार की बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि अनुसंधान व शिक्षा विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की संयुक्त बैठक भी ली थी. इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रमुख रूप से बजट 2025-26 के संबंध में चर्चा की और कृषि अनुसंधान व शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. इस बैठक में किसानों की मदद के लिए नए तरीके खोजे जाने पर भी जोर दिया गया, जिसकी झलक बजट में देखने मिल सकती है.

‘अंगूरों की राजधानी’ पहुंचे शिवराज

इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को ‘अंगूरों की राजधानी’ कहे जाने वाले महाराष्ट्र के नासिक पहुंचे थे. यहां कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय किसानों से संवाद करने के साथ शिवराज ने अंगूर समेत अन्य फसलें पैदा करने वाले किसानों से भेंट की. उन्होंने किसानों से मिलकर कहा, ” मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि महाराष्ट्र के किसान केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं.”

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