‘एएनआई’ के मुताबिक, दीक्षित गेडम ने कहा, ‘यह अनुमान लगाने के लिए प्राथमिक सबूत हैं कि आरोपी बांग्लादेशी है। उसके पास वैध भारतीय दस्तावेज़ नहीं हैं। लेकिन उसके पास से कुछ चीजें जो बरामद हुई हैं, उनसे पता चलता है कि वह बांग्लादेशी नागरिक है।’
हमलावर को जब मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया, तो वह अपना नाम विजय दास बता रहा था, पर बाद में मोहम्मद आलियान बताया। पुलिस के मुताबिक, उसने कई अपने कई और नाम रखे हैं। बार-बार नाम बदले जाने की वजह पूछे जाने पर दीक्षित गेडम ने बताया, ‘प्राइमा फेसी ऐसा लगता है कि यह आरोपी बांग्लादेशी है और भारत में अवैध तरीके से घुसने के बाद इसने अपना नाम बदला। तो वो एक वजह हो सकती है नाम बदलने की।’
दीक्षित गेडम के मुताबिक, आरोपी अभी विजय दास नाम रखकर रह रहा था। उसका असली नाम मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद है और उम्र 30 साल है। आरोपी पांच-छह महीने पहले ही मुंबई आया। पहले कुछ दिन मुंबई रहा और बाद में मुंबई के आसपास के कुछ इलाकों में रहा। और फिर 15 दिन पहले मुंबई आकर आसपास के इलाके में रहने लगा था। वह एक हाउसकीपिंग एजेंसी में काम कर रहा था। यह पहली बार था, जब वह सैफ अली खान के घर और सतगुरु शरण अपार्टमेंट बिल्डिंग में घुसा था।
दीक्षित ने बताया कि चूंकि गिरफ्तार आरोपी के बांग्लादेशी होने के सबूत मिले हैं, इसलिए मामले में पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं और उसी हिसाब से आगे की जांच की जा रही है। आरोपी को रविवार, 19 जनवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और कस्टडी की मांग की जाएगी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए जहां 35 टीमें लगाई थीं, वहीं 50 लोगों से पूछताछ कर चुकी थी।
15 जनवरी को इस हमलावर ने सैफ अली खान के घर में एंट्री की। सैफ के बच्चों की नैनी ने पुलिस को बताया था कि वह छोटे बेटे जेह के कमरे की तरफ जा रहा था। जब दोनों की कहासुनी हुई तो सैफ शोर सुनकर दौड़े आए। उसी दौरान हाथापाई में हमलावर ने सैफ पर चाकू से वार किए। वहीं करीना ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि सैफ अकेले ही हमलावर से लड़ रहे थे और बच्चों-महिलाओं को 12वीं मंजिल पर भेज दिया था। हमलावर काफी आक्रामक था और उसने सैफ पर कई बार वार किया।
वहीं सैफ की बात करें, तो इस हमले में उन्हें छह चोटें आई थीं। सबसे गहरी चोट गर्दन और रीढ़ की हड्डी में आई। लीलावती अस्पताल में सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने सैफ की रीढ़ के पास से ढाई इंच बड़ा चाकू का टुकड़ा निकाला था। वहीं गर्दन वाले जख्म की प्लास्टिक सर्जरी की गई। न्यूरोसर्जन नितिन डांगे ने बताया कि अगर चाकू 1 mm भी रीढ़ के अंदर चला जाता तो सैफ को लकवा मार सकता था। हालांकि, सैफ अभी खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है।
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