हरिद्वार में 113 साल में भगदड़ ने छीनीं कई जिंदगियां, कैसे हर बार फेल हुई व्यवस्था?
रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले भी हरिद्वार में कई बार कुंभ मेले के दौरान 113 सालों में भगदड़ की घटनाएं हुईं. हर बार लोगों की जानें गईं. ऐसे में सवाल उठते हैं कि सुरक्षा व्यस्था को दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?![कुंभ मेला, मनसा देवी मंदिर हादसा...हरिद्वार में 113 साल में भगदड़ ने छीनीं कई जिंदगियां, कैसे हर बार फेल हुई व्यवस्था? कुंभ मेला, मनसा देवी मंदिर हादसा...हरिद्वार में 113 साल में भगदड़ ने छीनीं कई जिंदगियां, कैसे हर बार फेल हुई व्यवस्था?]()
उत्तराखंड के हरिद्वार में रविवार को मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मची और 6 लोगों की मौत हो गई, 35 लोग घायल हो गए. ये हादसा एक अफवाह फैलने की वजह से हुआ. उत्तराखंड सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई, लेकिन इस हादसे के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो गए कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई.
इस हादसे ने 28 साल पहले के जख्म फिर से ताजा कर दिए. तब भी एक अफवाह फैली थी और भीड़ में भगदड़ मच गई थी. उस समय भी भगदड़ में 20 से ज्यादा जानें चली गई थीं. ये दिन था 15 जुलाई 1997 का… जब हरिद्वार में हर की पैड़ी के पार तत्कालीन घाट पर सोमवती अमावस्या के मौके पर बड़ी तादात में श्रद्धालु पहुंचे थे. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी और इसी बीच एक अफवाह उड़ी कि हर की पैड़ी के पार तत्कालीन घाट पर आग लग गई है. इस अफवाह के बाद वही हालात हो गए, जो रविवार को मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ में हुए.

Comments are closed.