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कुल्लू में दिल दहला देने वाला लैंडस्लाइड, मलबे की चपेट में आए 3 मकान

 कुल्लू-आनी क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन से 3 मकान मलबे में दब गए. एक व्यक्ति सुरक्षित निकाला गया, दो अभी भी लापता हैं. प्रशासन राहत और बचाव में जुटा है.

Himachal Landslide in Ani Patarna of Kullu 3 people buried under debris one rescued safely two missing Himachal Landslide: कुल्लू में दिल दहला देने वाला लैंडस्लाइड, मलबे की चपेट में आए 3 मकान, 2 लोग लापता

कुल्लू के आनी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. कराड़ पंचायत के लोअर पटारना गांव में बुधवार को अचानक भूस्खलन हुआ. मलबे की चपेट में 3 मकान आ गए और उसमें 3 लोग दब गए. स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से एक व्यक्ति को घायलावस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन दो लोग अब भी लापता हैं. जानकारी के मुताबिक, मलबे में दबे लोग शारदा देवी और लीला देवी हैं.

गांववालों ने किया बचाव

घटना के समय घरों के ऊपर अचानक लैंडस्लाइड आया. हालांकि, गांववालों ने तुरंत अन्य परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्रशासन की टीम और स्थानीय लोग अब भी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास में जुटे हैं.

कुल्लू और मंडी में हालात गंभीर

कुल्लू जिले के बंजार और मनाली उपमंडल में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. भारी बारिश और भूस्खलन के चलते गुरुवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे. कुल्लू उपमंडल में चार स्कूलों को बंद कर दिया गया है.

सैंज और बंजार की लगघाटी के कई इलाकों में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क ठप हैं. कई संपर्क मार्ग और पुल बह जाने से ग्रामीण इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. प्रशासन की टीमें लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हैं, लेकिन कई जगह नुकसान का सही आकलन अभी तक नहीं हो पाया है.

हिमाचल के 4 जिलों में ज्यादा तबाही

बता दें हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, चंबा और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश ने स्थिति और खराब कर दी है. लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रदेशभर में अब तक 582 सड़कें बंद हैं, जिनमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. खासकर चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे का कैंची मोड़ धंस जाने के कारण मनाली देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गया है.

प्रशासन की टीमें हर जगह राहत और बचाव कार्य में लगी हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय लोग और आपदा प्रबंधन टीम मिलकर काम कर रहे हैं. वहीं, कई गांवों में पिछले 4 दिनों से पानी की किल्लत भी बनी हुई है.

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