अब भारत बनाएगा ‘प्लान’, आज ही निर्यातकों से अहम मुलाकात करेंगे पीयूष गोयल
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) बुधवार, 3 सितंबर को निर्यातकों से मुलाकात करेंगे. इस बैठक का उद्देश्य अमेरिकी आयात शुल्क (US Tariff) में बड़ी बढ़ोतरी के बीच देश के निर्यात को बढ़ाने के नए रास्ते तलाशना है. अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी का भारी टैरिफ (Trump Tariff) लगा दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
इस अहम मुद्दे पर होगी बातएक उद्योग अधिकारी के अनुसार, इस बैठक में सभी निर्यात प्रमोशन काउंसिल (EPC) और भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (FIEO) के प्रतिनिधि शामिल होंगे. चर्चा का मुख्य एजेंडा यह होगा कि भारत कैसे अपने निर्यात को गति दे और अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव को कम करे.
कंपनियों के लिए ये बड़ा कदम उठा सकती है सरकार
वाणिज्य मंत्रालय ने इसके लिए तात्कालिक, मध्यम और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर काम शुरू किया है. इनमें स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) की इकाइयों के लिए नियमों को आसान करना, ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इन्वेंट्री मॉडल की अनुमति देना और कैश की समस्या को हल करने के उपाय शामिल हैं. इसके अलावा, सरकार ऐसे कदम भी उठा सकती है जिनसे कंपनियों को दिवालिया होने से बचाया जा सके और विदेशी प्रोडक्ट्स का आयात कम करके उनकी जगह पर घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जा सके.
व्यापार घाटा आठ महीने के उच्चतम स्तर पर
मध्यम अवधि की योजना के तहत भारत अपने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का अधिकतम लाभ उठाने, खरीदार-विक्रेता संपर्क कार्यक्रमों को बढ़ाने और जीएसटी सुधारों (GST Reforms) को मजबूत करने पर ध्यान देगा. आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में भारत के निर्यात में 7.29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 37.24 अरब डॉलर तक पहुंच गया. हालांकि इसी दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 27.35 अरब डॉलर हो गया, जो आठ महीने का उच्चतम स्तर है. अप्रैल-जुलाई 2025-26 के दौरान भारत के निर्यात 3.07 फीसदी बढ़कर 149.2 अरब डॉलर रहे, जबकि आयात में 5.36 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 244.01 अरब डॉलर तक पहुंच गया. कुल मिलाकर पहले चार महीनों में व्यापार घाटा 94.81 अरब डॉलर रहा.
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