ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना ने पाकिस्तान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कहा है कि सीमापार अब भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिन पर भारतीय सेना की कड़ी नजर बनी हुई है. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर पाकिस्तान की तरफ से दोबारा किसी तरह की हरकत हुई, तो भारत अपने इरादों को अंजाम देने से पीछे नहीं हटेगा.
इंडियन आर्मी चीफ ने बताया कि इन 8 आतंकी कैंपों में से 6 कैंप LoC के उस पार और 2 कैंप अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के उस पार मौजूद हैं. खुफिया जानकारी के मुताबिक, इन कैंपों में अभी भी आतंकियों की मौजूदगी और ट्रेनिंग जारी है. इसी वजह से भारतीय सेना लगातार इन पर निगरानी बनाए हुए है.
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो फॉरवर्ड मूवमेंट किया गया था, उसे डीजीएमओ एग्रीमेंट के तहत चरणबद्ध तरीके से कम किया गया. मई के अंत तक इस प्रक्रिया को पूरा करने की योजना बनाई गई थी. इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर नियमित बातचीत होती रही, ताकि किसी तरह की गलतफहमी या मिस-इन्फॉर्मेशन न रहे.
सेना प्रमुख ने दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है, इसलिए भारतीय सेना के ‘आंख और कान’ पूरी तरह खुले हुए हैं. उन्होंने कहा कि सेना ने आगे की सभी संभावित कार्रवाइयों की पूर्व-योजना बना रखी है और हालात बिगड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा.
मई में हुए संघर्ष को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि उस दौरान भारतीय सेना ने भारी स्तर पर मोबिलाइजेशन किया था. यह मोबिलाइजेशन भले ही क्लासिफाइड हो, लेकिन इतना जरूर था कि अगर पाकिस्तान ने जरा सी भी बड़ी गलती की होती, तो भारत पूरी तरह जमीनी हमला शुरू करने के लिए तैयार था. उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 100 पाकिस्तानी सैनिकों/कार्मिकों को मार गिराया गया.
पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकियों पर सेना प्रमुख ने साफ कहा कि डीजीएमओ बातचीत में न्यूक्लियर हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. न्यूक्लियर बयानबाज़ी सिर्फ पाकिस्तान के नेताओं या वहां की लोकल पब्लिक की तरफ से की जा रही थी, न कि पाकिस्तानी सेना की ओर से. उन्होंने कहा कि इस बार भारत ने यह साबित कर दिया कि कन्वेंशनल ऑपरेशंस की स्पेस खत्म नहीं हुई है, बल्कि भारत ने उसे और विस्तृत किया.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान से साफ है कि ब्रह्मोस जैसे हथियारों के इस्तेमाल के बाद भी भारत रुका नहीं है. अगर पाकिस्तान की सरजमीं से दोबारा आतंक फैलाने की कोशिश हुई, तो एक और निर्णायक प्रहार तय है. ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश दे दिया है कि आतंक और दुस्साहस का जवाब अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगा.

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