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नींद लेने से पहले रोज करना होगा रामचरितमानस का पाठ, क्यों लिया गया ये फैसला?

मध्य प्रदेश में अब पुलिस के जावन रामचरितमानस का पाठ करेंगे. मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने जवानों में नैतिकता और अनुसाशन की भावना और गहरी करने के लिए ये कदम उठाया है. रामचरित मानस तुसलीदास जी द्वारा रचित महाकाव्य है.MP में नींद लेने से पहले रोज करना होगा रामचरितमानस का पाठ, क्यों लिया गया ये फैसला?

क्या आपने सुना है कि किसी राज्य में पुलिस के जवानों को रामचरितमानस का पाठ करने के लिए कहा गया हो. जाहिर है नहीं सुना होगा, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा होगा. यहां पुलिस के जवान रामचरित मानस का पाठ करेंगे. मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने जवानों में नैतिकता और अनुसाशन की भावना और गहरी करने के लिए ये अनोखा कदम उठाया है.

अब राज्य में रात को सोने से पहले पुलिस के जवान रामचरितमानस का पाठ करेंगे. इस पहल की शुरुआत रंगरूटों के प्रशिक्षण के दौरान की गई है. राज्य के पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) राजा बाबू सिंह ने बताया कि राज्य के आठ प्रशिक्षण केंद्रों में 4000 नए रंगरूटों के लिए प्रशिक्षण केंद्रों में 9 महीने के प्रशिक्षण की शुरुआत की जा चुकी है.

प्रशिक्षण में रामचरित मानस का पाठ कराने को कहा

इस दौरान रंगरूटों की आधुनिक पुलिसिंग और नए आपराधिक कानूनों की ट्रेनिंग तो कराई ही जा रही है. साथ ही उनको भगवान राम के आदर्शों की राह से भी जोड़ा जा रहा है. राजा बाबू सि्ंह ने बताया कि ई-पुलिसिंग और नई टेक्नोलॉजी रंगरूटों के प्रशिक्षण में शामिल की गई है. साथ ही मैंने रंगरूटों के प्रशिक्षण में उनको रामचरित मानस का पाठ करवाने की बात भी सभी पुलिस अधिक्षकों (एसपी ) को कही है.

क्यों चुनी गई रामचरित मानस

उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन से हम प्रेम, संघर्ष और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण को सीख सकते हैं. रामचरितमानस को लोग भारतीय संस्कृति में नैतिकता और धर्म के प्रतीक के रूप में जानते हैं. जवानों में नैतिक बल, धैर्य की भावना और समाज को लैकर जिम्मेदारी की भावना को जगाने के लिए रामचरित मानस को पुलिस प्रशिक्षण में शामिल किया गया गया है.

एडीजी ने कहा कि भगवान राम के वनवास के जीवन के संघर्षों की कहानियां जवानों को कठिन और चुनौतीपूर्ण हालातों में फैसले लेने में सहायता करेंगी.

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