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अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, वृंदावन में आज साधु संतों की महापंचायत

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं पर विवादित टिप्पणी पर दिनेश फलाहारी बाबा का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि अनिरुद्दाचार्य को ब्रज की भूमि पर रहने का अधिकार नहीं है.

Dinesh Falahari Baba big statement on Aniruddhacharya controversial statement अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, वृंदावन में आज साधु संतों की महापंचायत, हो सकता है बड़ा फैसला

अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान पर बोले दिनेश फलाहारी बाबा

महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मस्जिद केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा का उन पर बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि अनिरुद्दाचार्य को ब्रज की भूमि पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.

दिनेश फलाहारी बाबा ने कहा कि कथावचक अनिरुद्धाचार्य कभी सीता माता पर तो कभी राधा रानी और कभी महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करता है. ऐसे व्यापारी भागवत आचार्य को ब्रज की भूमि में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उनके बयान को लेकर संत समाज में नाराजगी है.

वृंदावन में आज साधु-संतों की महापंचायत

महिलाओं पर अनिरुद्ध आचार्य द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर आज दोपहर एक बजे वृंदावन में संत समाज एक बड़ी महापंचायत भी करने जा रहा है. जिसमें अनिरुद्ध आचार्य को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. इस महापंचायत में वृंदावन के सभी ब्रजवासी और संत समाज हिस्सा लेंगे.

फलाहारी बाबा ने कहा कि इस महापंचायत में उन्हें कड़ा संदेश दिया जाएगा. उन्होंने जिस तरह से वृंदावन की मर्यादा का और व्यास पीठ की उल्लंघन किया है. उसे माफ नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अनिरुद्धाचार्य अक्सर इस तरह के बयान देते रहते है.

कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की याचिका दाखिल

वही दूसरी तरफ इस मामले को लेकर कोर्ट में भी याचिका दाखिल हो गई है. महिला अधिवक्ता प्रियदर्शनी, पूजा शर्मा, भावना सेंगर और सौम्या शुक्ला ने की तरफ से एसीजेएम प्रथम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. जिसमें बीएनएस की सुसंगत धाराओं में अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अदालत से प्रार्थना की है.

बता दें कि वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने महिलाओं को  लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर हिंदूवादी संगठनों और महिला वकीलों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है. साधु संतों ने भी उनके बयानों को लेकर सवाल उठाए हैं.

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