मुजतबा खामेनेई पर सस्पेंस, IRGC ले रहा सभी बड़े फैसले, ईरान में हो गया तख्तापलट!
ईरान में IRGC ने सत्ता पर कब्जा कर राष्ट्रपति पेजेश्कियन को दरकिनार कर दिया है, ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में ये दावा किया जा रहा है. ईरान में हालात ये हैं राष्ट्रपति पेजेश्कियन चाहकर भी पिछले काफी समय से मुजतबा खामेनेई से मिल नहीं पा रहे हैं.![ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की पुष्टि, अधिकारी ने बताया- सुरक्षित हैं | Iran's New Supreme Leader Mojtaba Khamenei Injured but Safe, Say Officials]()
ईरान में क्या सेना ने सीधे सत्ता हाथ में ली… क्या तेहरान में ‘सैन्य तख्तापलट’ हो गया है? ‘ईरान इंटरनेशनल’ न्यूज के सूत्र तो कुछ यही संकेत दे रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान में शासन की कमान अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने हाथों में ले ली है. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है. राष्ट्रपति पेजेश्कियन के द्वारा की गई नियुक्तियों और बड़े निर्णयों पर रोक लगा दी गई है. IRGC अब ईरान की केंद्र सत्ता के आसपास किसी को भी आने नहीं दे रही है. क्या ये हालात ईरान में ‘सैन्य तख्तापलट’ की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं?
मुजतबा से नहीं मिल पा रहे राष्ट्रपति पेजेश्कियन
ईरान में हालात ये हैं राष्ट्रपति पेजेश्कियन चाहकर भी पिछले काफी समय से मुजतबा खामेनेई से मिल नहीं पा रहे हैं. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने पिछले कुछ दिनों में मुजतबा से मिलने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है. IRGC के उच्च अधिकारी सर्वोच्च लीडर के ऑफिस को मैनेज कर रहे हैं. ऐसे में यह कह पाना मुश्किल है कि आदेश सुप्रीम लीडर से आ रहे हैं या IRGC से. यह भी कहा जा रहा है कि सर्वोच्च नेता के कार्यालय में एक प्रभावशाली सुरक्षा अधिकारी अली असगर हेजाजी को पद से हटाने की कोशिश हो रही है. खबरों के मुताबिक, हेजाजी ने चेतावनी दी थी कि मुजतबा को उच्च पद देने से देश का पूरा नियंत्रण प्रभावी रूप से आईआरजीसी के हाथों में चला जाएगा और नागरिक संस्थाएं हमेशा के लिए हाशिए पर चली जाएंगी. क्या अब यही हो रहा है.
IRGC की ‘सैन्य परिषद’ ले रही अहम फैसले
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सैन्य बल IRGC ने युद्ध के दौरान बने दबाव के बीच केंद्र शासन के शक्तिशाली पदों पर दबदबा बना लिया है. बीते गुरुवार को राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने एक नया खुफिया मंत्री नियुक्त करना चाहा था, लेकिन IRGC ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. इसके पीछे क्या वजह रही, ये भी राष्ट्रपति को नहीं बताया गया. आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने हुसैन देहगान कई उम्मीदवारों को खारिज कर दिया, जिनकी नियुक्ति उच्च पदों पर होनी थी. बताया जा रहा है कि IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों की एक ‘सैन्य परिषद’ बनाई गई है, जो सभी अहम फैसले ले रही है.
मुजतबा खामेनेई ताजपोशी के बाद से गायब
ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ताजपोशी के बाद से गायब हैं. जंग को 30 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन इस दौरान मुजतबा का कोई वीडियो इस दौरान बाहर नहीं आया है. अमेरिका ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि मुजतबा खामेनेई की मौत हो चुकी है. ईरानी मीडिया ने भी माना है कि मुजतबा खामेनेई चोटिल हैं. ऐसे में वाहिदी ही ईरान में इस समय सबसे ताकतवार शख्स के रूप में खड़े नजर आ रहा हैं. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, वाहिदी ने युद्ध की स्थितियों के दौरान नेतृत्व की अहम भूमिकाएं IRGC की निगरानी में ही रहे, ऐसी व्यवस्था कर रखी है. इसलिए राष्ट्रपति अपने पसंदीदा उम्मीदवार को नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं.

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