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ED ने I-PAC के दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु परिसरों में छापेमारी की, बंगाल के कोयला घोटाले से कनेक्शन

ED raids on I-PAC | Probe agency was terrorized during search operations in  Kolkata: Supreme Court told

प्रवर्तन निदेशालय ने IPAC के दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद परिसरों में छापेमारी की है. दिल्ली हैदराबाद और बेंगलुरु में इस रेड का कनेक्शन पश्चिम बंगाल कोयला घोटाले से बताया जा रहा है. बेंगलुरु में ऋषिराज के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है. इससे पहले जब कोलकाता में  IPAC के ठिकानों पर रेड पड़ी थी तो काफी विरोध हुआ था. खुद सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंच गई थीं और फाइलें हाथ में लेकर निकल गई थीं. इसको लेकर काफी विवाद हुआ था और ईडी ने सीएम पर उसके कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था.

I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला करीब 2,742 करोड़ रुपए से जुड़ा बताया गया है।

आरोप है कि करीब 20 करोड़ रुपए हवाला के जरिए I-PAC तक पहुंचे। ED ने 28 नवंबर 2020 को इस मामले की जांच शुरू की थी। इससे पहले जनवरी में ED ने कंपनी के ठिकानों पर छापा मारा था।

पिछली बार रेड के बीच पहुंची थीं ममता

8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं।

कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं।

ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई।

  • I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है। इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं।
  • यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है।
  • I-PAC पहले Citizens for Accountable Governance (CAG) थी। इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया।
  • प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई।
  • प्रशांत ने बाद में बिहार में ‘जन सुराज’ पार्टी बनाई। I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ 2021 से जुड़ी है।

केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे।

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