महाकुंभ 2025 में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा हुआ15 करोड़ के पार
प्रयागराज : महाकुंभ मेले का आज 16वां दिन है. मौनी अमावस्या (29 जनवरी) से पहले ही संगम की रेती पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. मंगलवार की सुबह भी हर तरफ लोगों की भीड़ नजर आई. संगम में अब तक लगभग 15 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं. रविवार को 1.74 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी. वहीं सोमवार की रात 8 बजे तक ही 1.55 करोड़ लोगों ने स्नान कर लिया था. वहीं भीड़ बढ़ने के कारण प्रशासन को व्यवस्थाएं बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. मौनी अमावस्या पर करीब 10 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है. वहीं पूरे महाकुंभ मेले में करीब 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है. इंतजामों को बेहतर बनाए रखने के लिए महाकुंभ में अफसरों की बैठक हुई.

योग गुरु बाबा रामदेव बोले- PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने परंपरा को तोड़ा
प्रयागराज महाकुंभ में योग गुरु बाबा रामदेव ने शिविर लगाया है. वह लोगों को योग करा रहे हैं. बाबा रामदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाकुंभ में आकर अपने अंदर छिपे हिंदुत्व को अभिव्यक्त किया है. पहले देश के प्रशासक ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों में सामने नहीं आते थे. PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आत्मग्लानि की इस परंपरा को तोड़ा है और गर्व के साथ कहा है कि हम हिंदू हैं, सनतानी हैं और ऋषियों के वंशज हैं.
आचार्य बालकृष्ण बोले- संतों के उपदेश जीवन को निर्मल बनाते हैं
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी आचार्य बालकृष्ण भी महाकुंभ मेले में पहुंचे. उन्होंने कहा कि महाकुंभ का पर्व सनातन के गौरव का पर्व है, सनातन के संगम का पर्व है. संगम में सब डुबकी लगाकर पापों से निवृत्ति की कामना करते हैं. संतों के दर्शन और उपदेश जीवन को निर्मल बनाते हैं. सबको इस पर्व का आनंद लेना चाहिए.
महाकुंभ में भीड़ बढ़ने पर डीएम ने की अपील, कहा- दो पहिया वाहन से आएं, युवा पैदल ही पहुंचें
प्रयागराज महाकुंभ में भीड़ का रिकॉर्ड टूट चुका है. मेले में पहली बार 15 करोड़ लोगों ने स्नान किया. यह अब तक सबसे ज्यादा आंकड़ा बताया जा रहा है. मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं, संतों और कल्पवासियों ने अमृत स्नान किया था. वहीं मौनी अमावस्या से पहले ही बढ़ी भीड़ से प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. सभी सड़कों पर जाम की स्थिति बन जा रही है. इसे देखते हुए डीएम ने लोगों से अपील की है कि स्थानीय लोग चार वाहन से न आएं. वरिष्ठजन बाइक से आएं. दो पहिया वाहन से आने पर लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी. स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी है कि वे व्यवस्था बनाने में सहयोग करें. इससे देश-विदेश से जुटे लोगों को परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा. झांसी से प्रयागराज आ रही पैसेंजर ट्रेन पर पथराव का भी मामला सामने आया है.
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