India's No.#1 Hindi News Channel

नामीबिया की जनसंख्या सिर्फ 30 लाख क्यों है?

नामीबिया भारत के एक-चौथाई क्षेत्रफल के बावजूद सिर्फ 30 लाख की आबादी वाला देश है। आखिर इतने बड़े देश की जनसंख्या इतनी कम क्यों है?

Namibia population low, PM Modi Namibia visit, India Namibia relationsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नामीबिया की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा भारत और नामीबिया के बीच रिश्तों को और मजबूत करने का एक अहम कदम मानी जा रही है। लेकिन इस मौके पर एक सवाल जो मन में उठता है वह ये है कि नामीबिया, जो कि भारत के एक-चौथाई जमीन जितना बड़ा है, उसकी आबादी सिर्फ 30 लाख के आसपास क्यों है? इसे यूं समझिए कि इस देश का क्षेत्रफल करीब उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जितना है लेकिन आबादी दिल्ली की एक-चौथाई भी नहीं है। आखिर ऐसा क्यों है? आइए, समझने की कोशिश करते हैं।

नामीबिया की यात्रा पर क्यों हैं PM मोदी?

पीएम मोदी जो उनकी पांच देशों (घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील, और नामीबिया) की यात्रा का आखिरी पड़ाव है। PM मोदी की यह यात्रा भारत और नामीबिया के बीच व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। वह नामीबिया की संसद को संबोधित करेंगे और राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-नदित्वासे मुलाकात करेंगे। साथ ही, भारत के यूपीआई (UPI) को नामीबिया में लागू करने और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग जैसे मुद्दों पर बात होगी।

Namibia population low, PM Modi Namibia visit, India Namibia relations

नामीबिया की कम आबादी की वजहें

नामीबिया दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका में बसा एक खूबसूरत मुल्क है, जिसका क्षेत्रफल करीब 8,24,000 वर्ग किलोमीटर है। यह भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग एक-चौथाई है। वहीं, इसकी आबादी सिर्फ 30 लाख के आसपास है जबकि भारत की आबादी 140 करोड़ से ज्यादा है। नामीबिया की आबादी इतनी कम होने के पीछे कई भौगोलिक, ऐतिहासिक और सामाजिक कारण हैं।

कैसे हैं भारत और नामीबिया के रिश्ते?

भारत और नामीबिया का रिश्ता आजादी की लड़ाई से जुड़ा है। भारत ने 1946 में ही संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की आजादी का मुद्दा उठाया था और 1986 में नामीबिया की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाली SWAPO पार्टी का दूतावास नई दिल्ली में खोला गया। आज की तारीख में भारत ने नामीबिया में सैकड़ों मिलियन डॉलर का निवेश किया है, खासकर खनन और हीरा उद्योग में। नामीबिया के यूरेनियम और अन्य खनिज भारत की ऊर्जा और तकनीकी जरूरतों के लिए अहम हैं। PM मोदी की यह यात्रा दोनों देशों रिश्तों को और मजबूत करेगी। साथ ही UPI और डिजिटल तकनीक जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत होने के आसार हैं।

भारत के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है नामीबिया

नामीबिया अपनी प्राकृतिक संपदा और रणनीतिक अहमियत के कारण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। नामीबिया में बीते 27 सालों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री अपने कदम रखेगा। ऐसे में देखा जाए तो PM मोदी की यह यात्रा न सिर्फ दोनों देशों के बीच दोस्ती को मजबूत करेगी, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।

अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.