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हिंसक जिहाद और भारत के खिलाफ जहर, ATS ने खोला शमा परवीन का काला चिट्ठा

गुजरात ATS ने अल-कायदा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसकी चीफ शमा परवीन है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शमा ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान समर्थक पोस्ट किए, पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गज़वा-ए-हिंद के तहत “खिलाफत प्रोजेक्ट” शुरू करने की अपील की. उसने भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद का समर्थन किया.पाक परस्त, हिंसक जिहाद और भारत के खिलाफ जहर... गुजरात ATS ने खोला शमा परवीन का काला चिट्ठा

अलकायदा मॉड्यूल पर गुजरात एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है. एटीएस के मुताबिक, मॉड्यूल की चीफ शमा परवीन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक्टिव थी. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शमा परवीन ने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो पोस्ट शेयर किए वो TV9 भारतवर्ष के पास मौजूद हैं. शमा ने पाकिस्तान के पक्ष में ये सभी पोस्ट 7 मई से लेकर 10 मई के बीच किए थे.

शमा परवीन ने अपनी पोस्ट में पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर से अपील की थी कि वो गज़वा-ए-हिंद के तहत भारत में खिलाफत प्रोजेक्ट की शुरुआत करें. शमा परवीन ने सीधे तौर पर लिखा था कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी सेना इस्लामी शासन को भारत में लागू करने की दिशा में कदम उठाए. शमा परवीन, इमाम अब्दुल अजीज, लाल मस्जिद लाहौर के बयान को भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था.

भारत में खिलाफत सिस्टम लागू करने की वकालत की थी

अब्दुल अजीज ने अपने बयान में भारत में खिलाफत सिस्टम लागू करने की वकालत की थी. लाहौर के इमाम ने भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र क्रांति (armed revolution) की बात कही और यह भी कहा था कि सिर्फ जिहाद के रास्ते से ही भारत में इस्लामी शासन स्थापित किया जा सकता है. पोस्ट में अलकायदा मॉड्यूल की सरगना शमा परवीन ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को AQIS चीफ बताया था. इसके साथ ही उसके भड़काऊ बयान भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायरल किए, जिसमें असीम मुनीर ने बोला था.

भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद की अपील की

अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के प्रमुख असीम मुनीर ने गजवा-ए-हिंद को लेकर कई बयान दिए. उसने भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद की अपील की और खास तौर पर हिंदू समुदाय और भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही थी. शमा परवीन की इन पोस्ट्स और बयानों में खुलकर भारत विरोधी भावनाएं, उकसावे वाले शब्द और सांप्रदायिक नफरत सामने आई, जो देश की एकता और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं.

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