पटना में बीजेपी-जेडीयू कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. मजिस्ट्रेट की भी तैनाती और बैरिकेडिंग भी की गई, प्रतिबंधित क्षेत्र से जुड़े नियमों को कड़ाई से लागू किया गया है. आए दिन हो रहे धरना प्रदर्शन और घेराव को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है. अब कार्यालय के पास प्रोटेस्ट नहीं करने दिया जाएगा. इसे लेकर बिहार का सियासी पारा चढ़ा गया है.
चुनावी वर्ष में विभिन्न संगठन परीक्षा, रिजल्ट, नौकरी, बहाली, वेतन इत्यादि समेत विभिन्न मांगों को लेकर आए दिन BJP एवं जदयू दफ्तर का घेराव कर रहे हैं. सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लग रहा है. प्रोटेस्ट के दौरान लाठीचार्ज भी हो रहा है. जनता में कहीं न कहीं गलत संदेश जा रहा है.
अब इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से बीजेपी और जदयू कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पार्टी दफ्तर पर धरना प्रदर्शन घेराव अब नहीं करने दिया जाएगा. भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती है. मजिस्ट्रेट को भी तैनात किया गया है. बैरिकेडिंग की गई है. जिला नियंत्रण कक्ष बना दिया गया है.
प्रतिबंधित क्षेत्र से जुड़े नियमों को कड़ाई से लागू किया गया है. यह इलाका साल 2015 में पटना हाईकोर्ट के आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था. यहां कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं. प्रशासन के अनुसार आम जनता की सुविधा के लिए ही इसे प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया गया है.
इसके बावजूद लगातार कई संगठन और समूह यहां आए दिन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है. गर्दनीबाग में सिर्फ धरना प्रदर्शन की अनुमति है. प्रतिबंधित क्षेत्र में अगर कोई भी संगठन या समूह धरना प्रदर्शन करेगा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस क्षेत्र में धारा 163 लागू किया गया है.
विभिन्न मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शन एवं पुलिस छावनी में तब्दील किए गए जदयू बीजेपी कार्यालय पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि हम लोग संविधान को मानने वाले लोग हैं. जो भी लोग संविधान के दायरे में रहकर अपने हक के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन मेरा आग्रह है कि अराजकता पैदा करने वाली पार्टियों आरजेडी कांग्रेस के बहकावे में नहीं आना है.
विजय सिन्हा ने कहा कि ये दल लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं. प्रदर्शनकारियों को इनके हाथों का खिलौना नहीं बनना है. मौजूदा नीतीश सरकार ही आप लोगों को नौकरी दी. वेतन में वृद्धि की. आपकी समस्या का निदान यही नीतीश सरकार करेगी.
विभिन्न मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शन एवं पुलिस छावनी में तब्दील किए गए बीजेपी जदयू दफ्तर पर आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि नीतीश सरकार ने 20 वर्षों में युवाओं छात्रों के लिए कुछ नहीं किया. कर्मचारियों को नियोजन प्रक्रिया में फंसाकर रखा. संविदा कर्मियों के साथ अन्याय किया गया.
उन्होंने कहा कि अपनी बातों को यह लोग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं लेकिन सरकार उनकी सुन नहीं रही है. इसलिए मजबूरन इन लोगों को सत्ता पक्ष की पार्टियों के दफ्तरों पर धरना देना पड़ रहा है. तब भी इन लोगों की बात नहीं सुनी जा रही है. लाठीचार्ज किया जा रहा है. तानाशाही रवैये से सरकार नहीं चलती है. यह जो पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. यह प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश है.
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