एनटीपीसी विंध्याचल में दिवाकर कौशिक एवं श्रीमती सीमा कौशिक के सम्मान में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
एनटीपीसी विंध्याचल के उमंग भवन में 10 जून 2026 को क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ (एनएसपीसीएल) दिवाकर कौशिक तथा उत्तरा महिला क्लब की अध्यक्ष सीमा कौशिक के सम्मान
में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आत्मीय स्वागत, दीप प्रज्वलन एवं एनटीपीसी गीत के साथ हुआ।
इस अवसर पर किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) सहित ए. जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम), एस. के. सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं एफएम), डॉ. बी. के. भराली, महाप्रबंधक (चिकित्सा), देबब्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक (टीएस एवं प्रोजेक्ट्स), रूमा दे शर्मा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल), एसएमसी सदस्य तथा लेडीज़ क्लब की वरिष्ठ सदस्याएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान जेम 2026 की चार सप्ताह की यात्रा, उपलब्धियों और भावनात्मक पलों पर आधारित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और पूरे समारोह को प्रेरणादायी स्वर प्रदान किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत सुहासिनी संघ के वेलफेयर विंग द्वारा प्रस्तुत बंगाली थीम पर आधारित स्वागत नृत्य से हुई। इसके बाद मुकेश कश्यप, अपर
महाप्रबंधक(एमजीआर), टी. आर. राधिश, अपर महाप्रबंधक(सतर्कता), सौरव कुमार साहू, प्रबंधक (सी एंड आई) तथा रविन्द्र मिश्रा, सहायक (मानव संसाधन) ने अपनी मधुर गायकी से समां बांध दिया। वहीं सौरभ बनौधा, उप महाप्रबंधक(आईटी) की मनमोहक बांसुरी वादन प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में वीवा क्लब की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य एवं वीवा क्लब के सदस्यों द्वारा प्रदर्शित ऊर्जावान स्केटिंग डांस भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अपने संबोधन में दिवाकर कौशिक ने सभी कलाकारों एवं आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि एनटीपीसी के जीवन की वास्तविक आत्मा उसकी टाउनशिप और सामुदायिक संस्कृति में बसती है। कार्यक्रम को और भी यादगार बनाते हुए उन्होंने स्वयं एक मधुर गीत प्रस्तुत किया तथा अपने पुत्र श्री राघव कौशिक, जो मुंबई स्थित एक संगीत कलाकार हैं, की अप्रकाशित संगीत रचना भी श्रोताओं को सुनाई। मानव संसाधन,
टीएडी एवं आईटी विभागों के उत्कृष्ट समन्वय से आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या संगीत, संस्कृति और सामुदायिक एकता का अनुपम उत्सव बन गई, जिसकी मधुर स्मृतियां लंबे समय तक सभी के मन में बनी रहेंगी।
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