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पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव को थप्पड़ केस में 1 साल की जेल

नागपुर अदालत ने पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव को पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मारने के मामले में 1 साल की सजा और 10,000 रुपये जुर्माना सुनाया. जुर्माना न भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा होगी.

Nagpur court verdict against Harshvardhan Jadhav for police assault one year jail and fine Maharashtra: पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव को थप्पड़ केस में 1 साल की जेल, जानें- क्या था पूरा मामला?

महाराष्ट्र के नागपुर की एक अदालत ने 2014 में एक पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मारने के मामले में पूर्व विधायक हर्षवर्धन रायभान जाधव को एक साल कारावास की सजा सुनाई है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर जे राय ने भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के दामाद जाधव को नागपुर के एक पुलिस निरीक्षक को थप्पड़ मारने के मामले में बुधवार को यह सजा सुनाई.

जाधव महाराष्ट्र विधानसभा में कन्नड़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह शिवसेना, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिव स्वराज्य पक्ष के सदस्य रह चुके हैं. सोनेगांव पुलिस थाने के अधिकारियों ने पहले बताया था कि हर्षवर्द्धन जाधव ने दिसंबर 2014 में एक होटल में तत्कालीन शिवसेना (अविभाजित) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में निरीक्षक पराग जाधव को कथित तौर पर थप्पड़ मारा था.

हर्षवर्धन को पहले भी अस्थायी जमानत दी गई

हर्षवर्धन को पहले भी अस्थायी जमानत दी गई थी लेकिन वह सुनवाई में शामिल नहीं हुए जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. पुलिस के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि जाधव इस साल फरवरी में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

साथ ही, न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया लेकिन बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. सरकारी वकील चारुशिला पौनीकर ने जाधव के खिलाफ मामले की पैरवी की.

तीन और महीने जेल में बिताने होंगे

अदालत ने जाधव को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 353 (किसी लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य पालन से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया.

जाधव को एक साल की कैद की सजा सुनाई गई और अदालत ने उन पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत के आदेश के अनुसार, अगर वह जुर्माना अदा नहीं करते हैं तो उन्हें तीन और महीने जेल में बिताने होंगे.

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