16 शहरों के लिए ‘संजीवनी’ बना PGI, हर दिन 1000 मरीज करा रहे इलाज
कानपुर पीजीआई के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष सिंह के अनुसार ना सिर्फ कानपुर के बल्कि आसपास के तकरीबन 16 शहरों के मरीज अपना इलाज कराने आते हैं. अगर आंकड़ों की बात करें तो यहां पर रोज तकरीबन 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है. यहां आने पर सरकारी अस्पताल नहीं बल्कि प्राइवेट अस्पताल का फील आता है.
उत्तर प्रदेश में अगर किसी गंभीर मरीज का इलाज कराना होता है तो सालों से लोग लखनऊ के पीजीआई का रुख करते थे. अब पिछले दो सालों से कानपुर पीजीआई ने ना सिर्फ कई गंभीर मरीजों की जान बचाई है, बल्कि 16 शहर के मरीजों को सुपर स्पेशलिटी इलाज मिल रहा है. यहां पर मौजूद ऐसी आधुनिक मशीनें हैं जो पूरे देश में इक्का-दुक्का जगह पर हैं. इसके अलावा यहां पर आने वाला खर्च प्राइवेट अस्पतालों के मुकदबले 90% तक कम होता है. यही कारण है कि मात्र दो साल में तकरीबन एक हजार से बारह सौ मरीज रोज यहां की ओपीडी में आते है.
आज से ठीक दो साल पहले 14 अगस्त 2023 को कानपुर को एक बड़ी सौगात मिली, जिसका नाम था गणेश शंकर विद्यार्थी सुपर स्पेशलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट, जिसको आम भाषा में पीजीआई कहा जाता है. इससे पहले पीजीआई लखनऊ में था, जहां पर इलाज कराने के लिए जाना पड़ता था. जिस समय कानपुर का पीजीआई खुला था, उस समय यहां सिर्फ न्यूरो की ओपीडी होती थी जो कि अब बढ़कर 9 सुपर स्पेशलिटी हो गई है.
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