नेपाल हिंसा में फंसे गाजियाबाद के परिवार, दो दिन होटल में ठहरे, लौटने की उम्मीद
नई दिल्ली/गाजियाबाद: इंदिरापुरम इलाके की एटीएस सोसाइटी के रहने वाले उमेश सारस्वत अपनी पत्नी और दो साथियों के साथ 5 सितंबर 2025 को नेपाल घूमने गए थे. लेकिन, 8 सितंबर से नेपाल में हालत खराब होने के बाद उमेश सारस्वत अपनी पत्नी और साथियों के साथ नेपाल में ही फंस गए. हिंसा के चलते एयरपोर्ट बंद कर दिया गया था.
वहीं, भारतीय एंबेसी द्वारा सलाह दी गई के हवाई मार्ग से ही भारत लौटे सड़क मार्ग से आना सुरक्षित नहीं होगा. एयरपोर्ट बंद होने के चलते वापस आना मुश्किल हो गया. ऐसे में गुरुवार को नेपाल में एयरपोर्ट दोबारा से खुले हैं तो गुरुवार शाम तक भारत वापस लौटने की संभावना है.![]()
गाजियाबाद निवासी उमेश सारस्वत के बेटे ऋषभ सारस्वत ने बताया, “माता-पिता 5 सितंबर को नेपाल घूमने गए थे, तब हालात सामान्य थे. प्रदर्शनकारियों द्वारा नेपाल के संसद पर हमला करने के बाद नेपाल में हालात बिगड़ते गए. 9 सितंबर को हालत ज्यादा बिगड़ने पर कर्फ्यू लगा दिया गया, जिसके चलते नेपाल पूरी तरह से बंद था. बिगड़ते हालात को देखते हुए एयरपोर्ट भी बंद कर दिया गया. फिलहाल माता-पिता होटल में ही रुके हुए हैं और सुरक्षित हैं.”
ऋषभ ने बताया कि 10 सितंबर 2025 की नेपाल से भारत वापस लौटने की माता-पिता की फ्लाइट थी, लेकिन नेपाल की मौजूदा स्थिति के कारण फ्लाइट कैंसिल हो गई. माता-पिता की आज शाम 4:30 बजे की नेपाल से भारत की फ्लाइट बुक की है. फिलहाल माता-पिता होटल से चेक आउट कर एयरपोर्ट के लिए निकल चुके हैं. हम काफी चिंतित हैं कि सुरक्षित किसी तरह बस एयरपोर्ट पहुंच जाए.
ऋषभ सारस्वत ने बताया कि इंडियन एंबेसी से बातचीत हुई तो उनके द्वारा सलाह दी कि फिलहाल होटल में रुकना ही ठीक होगा. जैसे ही एयरपोर्ट का संचालन शुरू होता है तब बाई एयर नेपाल से भारत जन सुरक्षित रहेगा. इसके बाद माता-पिता होटल में ही रुके रहे. भारत सरकार द्वारा जो भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे उससे बहुत मदद मिली.
Comments are closed.