ग्रीनलैंड में आए, तो NATO खत्म’, दहाड़े तो हैं डिफेंस चीफ, पर अमेरिका के आगे कितना टिकेंगी 31 देशों की सेनाएं?
अमेरिका इस वक्त ग्रीनलैंड को लेकर जिस जिद पर अड़ा हुआ है, वो दुनिया के सबसे बड़ै सैन्य गठबंधन को इतिहास की बात बना देगा. डेनमार्क गुहार कर रहा है कि ग्रीनलैंड पर समझौता टूटा, तो यूरोप उसकी मदद करे. अब सवाल ये है कि खुद नाटो देश होकर अमेरिका जब ग्रीनलैंड पर कब्जा कर रहा है, तो नाटो उससे कितने दिन लड़ पाएगा?
![]()
के भीतर अभूतपूर्व संकट पैदा कर सकता है. इसी संदर्भ में यूरोपीय संघ के रक्षा और अंतरिक्ष आयुक्त एंड्रियस कुबिलियस का बयान बेहद अहम माना जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई की, तो यह नाटो का अंत साबित हो सकता है.
कुबिलियस ने चेतावनी दी कि ऐसा कदम न केवल यूरोप-अमेरिका संबंधों को गहरी चोट पहुंचाएगा, बल्कि आम लोगों के बीच भी अमेरिका के प्रति भारी नकारात्मक भावना पैदा करेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ की संधि का अनुच्छेद 42.7 सदस्य देशों को बाध्य करता है कि अगर किसी सदस्य पर सैन्य हमला होता है, तो अन्य देश उसकी मदद करें. अगर डेनमार्क ने मदद मांगी, तो यूरोप को आगे आना ही होगा.
क्या नाटो अमेरिका के सामने टिक पाएगा?
- रक्षा बजट: अमेरिका का रक्षा बजट लगभग 850 अरब डॉलर है, जबकि नाटो देशों का संयुक्त रक्षा खर्च 1.3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है, जिसमें आधे से ज्यादा अमेरिका देता है.
- सैनिक संख्या: अमेरिका के पास करीब 13 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि नाटो की संयुक्त सक्रिय सैन्य ताकत 30 लाख से ज्यादा है.
- फाइटर जेट: अमेरिकी वायुसेना के पास 13,000 से अधिक सैन्य विमान हैं, जिनमें F-35, F-22 जैसे स्टेल्थ जेट शामिल हैं; नाटो के पास कुल मिलाकर 20,000 से ज्यादा विमान हैं.
- एयरक्राफ्ट कैरियर: अमेरिका के पास 11 परमाणु चालित एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जबकि नाटो के अन्य देशों के पास गिनती के ही कैरियर हैं.
- परमाणु हथियार: अमेरिका के पास करीब 5,200 परमाणु हथियार हैं, नाटो में ब्रिटेन और फ्रांस भी परमाणु शक्ति रखते हैं.
- टैंक और बख्तरबंद वाहन: अमेरिका के पास 6,000 से ज्यादा मुख्य युद्धक टैंक हैं, जबकि नाटो देशों के पास कुल मिलाकर 15,000 से ज्यादा टैंक हैं.
- नौसैनिक ताकत: अमेरिकी नौसेना के पास 300 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है.
- मिसाइल और रक्षा प्रणाली: अमेरिका और नाटो के पास पैट्रियट, THAAD जैसी उन्नत मिसाइल डिफेंस प्रणालियां हैं.
- संख्या में नाटो भारी है, पर जैसे ही तकनीक, कमान और मारक क्षमता की बात करेंगे, अमेरिका के आगे नाटो कहीं नहीं टिकता.
Comments are closed.