29 लाख के शौचालय घोटाला में दोषियों पर नहीं हुआ एफआईआर
शिकायतकर्ताओं के पूछने पर पिछले एक सप्ताह से टाल मटोल कर रहे पंचायत समर बहादुर
शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार ने एडीओ के भूमिका पर उठाए सवाल ,कहा धूमा के तत्कालीन सचिव समर बहादुर ने भी कूप निर्माण में किया है घोटाला
विंढमगंज/ सोनभद्र|धूमा गांव में 29 लाख के शौचालय घोटाला सामने आने के बाद भी दोषियों के खिलाफ रिकवरी व एफआईआर कराने के निर्देश के बाद भी एडीओ पंचायत समर बहादुर हाथ पर हाथ बैठे है ना तो उन्होंने धोटाले की रकम की रिकवरी कराई और ना ही
दोषियों के खिलाफ एफआईआर करवायी|जिससे सरकारी धन के बंदरबाट करने वाले जिम्मेदार बेख़ौफ़ रुआब झाड़ते चल रहे हैं| कार्रवाई के तौर पर अभी तक दो सेक्रेट्रियों उमेश गुप्ता व चांदनी गुप्ता पर निलंबन की कार्रवाई हुई है ,जो शिकायतकर्ताओं के मुताबिक नाकाफी है|ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई वर्ष भर बीतने के बाद तब की गई जब पिछले तहसील दिवस में कमिश्नर यहां आए थे तो पंचायत विभाग पर आरोप पर उन्होंने सीडीओ को जांच सौंपी थी जब जाकर कुम्भकर्णी निद्रा से तंद्रा भंग कर डीपीआरओ ने कार्रवाई अमल में लायी|ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब दोषियों पर एफआईआर के बावत एडीओ पंचायत समर बहादुर से पूछा जाता है तो उधर कुछ दिनों पूर्व टाल मटोल करते थे और अब फोन काट देते हैं| शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार ने एडीओ पंचायत दुद्धी के भूमिका पर सवाल उठाते हुए धूमा प्रकरण में उनकी भी भूमिका की जांच की मांग उठाई है|
इनसेट:-
जब धूमा के सचिव थे समर बहादुर तब भी हुआ है घोटाला
विंढमगंज/ सोनभद्र| शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार ने धूमा के तत्कालीन सेक्रेटी वर्तमान में प्रमोशन पाकर एडीओ पंचायत समर बहादुर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत धूमा में जब समर बहादुर सेक्रेटरी थे तो उन्होंने कूप निर्माण में घोटाला किया है ग्राम पंचायतों में कई कूप दशक भर बीत जाने के बाद भी निर्माण नहीं हुए जबकि उन कूपों का निर्माण दिखाकर राज वित्त , 14 वाँ वित्त व मनरेगा से कई लाख रुपये एक एक कूप पर निकाल लिए गए हैं| एडीओ पंचायत को डर है कि कहीं वह दोषियों पर एफआईआर करवाएंगे तो उनकी भी कलई खुल सकती है और वे भी सस्पेंड हो सकते हैं|
इस सम्बंध में एडीओ पंचायत दुद्धी समर बहादुर से सम्पर्क करने की कोशिश किया गया लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण उनका पक्ष नही लिखा जा सका।