धवस्त झोपड़ी से निकलती है सिसकने की आवाज, होली पर आंखे है नम
रेनुकूट :- रेणुकूट में हिंडालको परियोजना द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान परियोजना के अधिकारियों समेत सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में बुल्डोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। इस दौरान बीते कई वर्षो से स्थित एक झोपड़ी को भी जमीदोज किया गया था। जमीदोज हुए झोपड़ी में छोटे छोटे बच्चे समेत माता पिता रहते थे। झोपड़ी जमीदोज होने के बाद पूरा परिवार उसी जगह प्लास्टिक लगाकर रहने को मजबूर है। जहा एक तरफ पूरा देश होली को लेकर उत्साह मना रहा है वहीं दूसरी तरफ ध्वस्त झोपड़ी से सिसकने की आवाज आती है। आखों में मायूसी छाई है।
उलेखनीय है कि बीते दो फरवरी को रेणुकूट में हिंडालको परियोजना द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान परियोजना के अधिकारियों समेत सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में बुल्डोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। इस दौरान बीते कई वर्षो से स्थित एक झोपड़ी को भी जमीदोज किया गया था। जमीदोज हुए झोपड़ी में छोटे छोटे बच्चे समेत माता पिता रहते थे। झोपड़ी जमीदोज होने के बाद पूरा परिवार उसी जगह प्लास्टिक लगाकर रहने को मजबूर है। जहा एक तरफ पूरा देश होली को लेकर उत्साह मना रहा है वहीं दूसरी तरफ ध्वस्त झोपड़ी से सिसकने की आवाज आती है। आखों में मायूसी छाई है।
बाइट – राम धनी यादव (पीड़ित व्यक्ति )
बाइट – पीड़ित महिला अपने बच्चो के साथ
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