वनविभाग व पुलिस की उड़ाका दल ने बालू लद्दे ट्रैक्टर व ट्राली कनहर में पकड़ाया
विंढमगंज वन व पुलिस की उड़ाका दल ने खोली पोल, बालू लद्दे ट्रैक्टर रास्ते में तो एक का ट्राली कनहर में पकड़ाया
दुद्धी, सोनभद्र।विंढमगंज क्षेत्र में स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से चल रही अवैध खनन की पोल वन विभाग की उड़ाका दल ने खोलते हुए एक बालू लद्दी ट्रैक्टर रास्ते में तो एक ट्रैक्टर ट्राली कनहर नदी में ही धर दबोचा जिससे अवैध खनन कर्ताओ में हड़कंप मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विंढमगंज क्षेत्र में अवैध बालू खनन की चर्चाएं जोरो पर थी पर स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी उच्च अधिकारियो को क्षेत्र में कोई भी खनन नही होने की बात बताते थे। इसी बीच डीएफओ ने स्थानीय अधिकारियो के बगैर सूचना के उड़ाका दल भेज दिया और उड़ाका दल ने शनिवार की रात्रि में ही एक ट्रैक्टर जामपानी गाँव के पास धर दबोचा तो दूसरी कनहर नदी में बालू लोड कर रही ट्रैक्टर तक पहुंचने ही वाले थे कि किसी ने उड़ाका दल आने की सूचना वायरल कर दी, इतने में सक्रिय अवैध खननकर्ता आनन – फानन में कनहर नदी में ही ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर सिर्फ इंजन लेकर फरार हो गए। उड़ाका दल की टीम ने वन कर्मियों का एक दल कनहर नदी में ही ट्रैक्टर ट्राली के देखरेख में लगा दिया, इसके बाद रविवार को ट्रैक्टर ट्राली वन रेंज ले जाया गया, जबकि जामपानी में बालू लेकर जा रही ट्रैक्टर को उड़ाका दल ने मौके से पकड़कर रात्रि में ही विंढमगंज रेंज में ख़डी करा दिया।पकड़ी गई ट्रैक्टर हरपुरा गाँव निवासी एक खननकर्ता की बताई जा रही हैं।
उड़ाका टीम में उड़ाका दल प्रभारी राघवेंद्र सिंह, धीरेन्द्र मिश्रा, सर्वेश सिंह, छोटेलाल, श्यामलाल सहित अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।
इनसेट –
अवैध खनन में स्थानीय वनकर्मियों एवं पुलिस की मिलीभगत की क्षेत्र में रहती हैं आम चर्चा
जिस तरह से शनिवार की मध्य रात्रि उड़ाका दल की टीम ने छापेमारी करते हुए अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर पकड़ा हैं उससे स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे hai और ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि यदि यह काम स्थानीय जिम्मेदार करते तो नदियों से अवैध खनन रुक जाता और सड़कों पर दौड़ रहें तेज रफ्तार ट्रैक्टर से खतरा भी नही रहता।
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कनहर नदी में प्लास्टिक तिरपाल लगाकर बेखौफ हो रहा था खनन
विंढमगंज क्षेत्र में किस तरह बेखौफ़ खनन हो रही थी इसकी तस्वीर में हरपुरा धोरपा बार्डर गोईठा नदी मुहाने की स्थित देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। खनन कर्ता बकायदे कनहर नदी में अवैध खनन स्थल पर प्लास्टिक तानकर झोपड़ी बनाकर बेखौफ़ खनन करते थे, इससे साफ है कि इसमें स्थानीय जिम्मेदारों की संलिप्तता जरूर रही होगी। हालांकि अगर डीएफओ व जिले के कप्तान इसकी जाँच कराएं तो अवैध खनन सिण्डिकेट का खुलासा हो सकता हैं।
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