मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जनार्दन रेड्डी ने दावा किया कि नववर्ष के दिन बेल्लारी स्थित उनके आवास पर हुआ हमला ‘‘कोई साधारण राजनीतिक टकराव नहीं था, बल्कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया एक सुनियोजित हत्या का प्रयास था।’’ उन्होंने स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है, जो अब ‘‘चरम’’ पर पहुंच गया है। घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए जनार्दन रेड्डी ने कहा कि दोपहर करीब दो बजे भरत रेड्डी के समर्थकों ने उनके घर की बाड़ के अंदर के क्षेत्र में अवैध रूप से बैनर लगाने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हटा दिया गया।
विधायक जनार्दन रेड्डी ने आरोप लगाया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे भरत रेड्डी के करीबी सहयोगी सतीश रेड्डी 40-50 हथियारबंद लोगों के साथ बोतलें, पत्थर, लाठियां और धारदार हथियार लेकर उनके परिसर में घुस आए और खुली धमकियां दीं, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने बताया कि, गंगावती से उनके लौटने के बाद शाम करीब सात बजे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक नारा भरत रेड्डी के कहने पर सतीश रेड्डी और उसके लोगों ने सीधा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान एक बंदूकधारी ने उन्हें और उनके घर को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। उन्होंने कहा, ‘‘भगवान की कृपा और किस्मत से मैं बाल-बाल बच गया, लेकिन पुलिस हालात पर काबू पाने में नाकाम रही।’’
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