दुद्धी कस्बे रामलीला मैदान पर शुक्रवार को करीब 5 बजकर 45 मिनट पर श्री राम के बाण लगते ही रावण की विशालकाय 51 फीट का पुतला धूँ धूँ कर जल गया
दुद्धी कस्बे रामलीला मैदान पर शुक्रवार को करीब 5 बजकर 45 मिनट पर श्री राम के बाण लगते ही रावण की विशालकाय 51 फीट का पुतला धूँ धूँ कर जल गया।प्रभु श्री राम के बाण से रावण के अंत होते ही पूरा पाण्डाल जय श्री राम के उदघोष से गूंज उठा।

इसके पूर्व राम और रावण दल में भयंकर युद्ध हुआ और अंत में अग्निबाण से श्री राम ने अहंकारी रावण का अंत कर दिया। रावण से अंतिम समय में लक्ष्मण ने श्री राम के आदेश पर शिक्षा ग्रहण किया।रावण ने मरते समय अपने मुख से श्री राम बोलते हुए प्राण त्याग दिया।दुद्धी कस्बे में स्थापित सभी दुर्गा माँ की प्रतिमा कस्बा भ्रमण करते हुए रामलीला मैदान पहुची।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक हरिराम चेरो एवं विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि जी रहे।
मुख्य अतिथि हरिराम चेरो ने विजयदशमी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री राम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।दुद्धी एक ऐसी जगह जहाँ एक से बढ़कर एक कार्यक्रम का सफल आयोजन होता है।दुद्धी की रामलीला काफी पुरानी है।हम आशा करते हैं कि यह परम्परा अनवरत चलता रहे।उन्होंने पूर्व जिला संघचालक एवं लोकतंत्र के सेनानी डॉ राजकिशोर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे महान व्यक्ति की कमी समाज में खलती हैं।
इस दौरान श्री राम लीला कमेटी अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल, महामंत्री आलोक कुमार अग्रहरि, कमलेश सिंह कमल,व्यास प्रेमचंद मिश्रा, कन्हैयालाल अग्रहरि, सुरेन्द्र गुप्ता,देवनारायण, नन्दलाल, अमरनाथ जायसवाल, दिनेश आढ़ती,अधिशासी अधिकारी भारत सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मेले का भ्रमण करती रही जिसमें उप जिलाधिकारी रमेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक राम आशीष यादव,कोतवाल राघवेंद्र सिंह मयफोर्स के साथ डटे रहे।