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शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद, अब 25 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले को लेकर गुरुवार को चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिविजन आदित्य सिंह की अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 25 सितंबर 2025 की दी है.

मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंची थी. हाईकोर्ट ने 19 मई 2025 को ट्रायल कोर्ट के सर्वे आदेश को बरकरार रखते हुए मामले को निचली अदालत में सुनवाई के लिए भेजा था. इसके बाद गुरुवार को सुनवाई होनी थी. जानकारी सामने आई कि सुप्रीम कोर्ट में इस केस पर स्टे का आदेश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट में स्टे होने के कारण मिली तारीख: इस कारण अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर अगली सुनवाई 25 सितंबर को नियत कर दी. इस मामले में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने कहा कि गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में स्टे होने के कारण अगली तारीख 25 सितंबर तय कर दी गई है.

वहीं हिंदू पक्ष के अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि अदालत अब इस मसले पर 25 सितंबर को सुनवाई करेगी उम्मीद है कि जल्द फैसला होगा. यह मामला पहली बार सुर्खियों में तब आया था, जब 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन समेत आठ लोगों ने दावा पेश करते हुए याचिका दाखिल की थी.

24 नवंबर को हिंसा में 4 की हुई थी मौत: अदालत के आदेश पर 19 नवंबर और 24 नवंबर को मस्जिद का सर्वे हुआ, लेकिन 24 नवंबर 2024 का दिन संभल के लिए खौफनाक बन गया सर्वे के दौरान जमकर बवाल हो गया. इसमें चार लोगों की मौत हुई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. हालात इतने बिगड़े कि पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली समेत हजारों पर मुकदमा दर्ज किया था.

हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि संभल की जामा मस्जिद पहले हरिहर मंदिर था. इसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया था. इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई थी. सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने उसी दिन मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया था.

Photo Credit:  Shahi Jama Masjid Sambhal

तीन महिलाओं समेत 79 उपद्रवियों की गिरफ्तारी: कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था. उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंची की. टीम ने 2 घंटे सर्वे किया था. उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ था. इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम संभल की जामा मस्जिद में पहुंची थी. ‘

मस्जिद के अंदर सर्वे किया जा रहा था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो गए. भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव किया. इसके बाद संभल में हिंसा भड़क गई. इसमें फायरिंग के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई थी. हिंसा के बाद पुलिस ने तीन महिलाओं समेत 79 उपद्रवियों की गिरफ्तारी की थी.

2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गयी थी: इस मामले में सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत 40 लोगों के खिलाफ नामजद और 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गयी थी. 18 जून 2025 को SIT ने 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इस चार्जशीट में सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम शामिल नहीं था.

न्यायिक जांच आयोग ने 450 पन्ने की रिपोर्ट सीएम को सौंपी: संभल हिंसा में न्यायिक जांच आयोग ने 450 पन्ने की रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी है. इसमें पहले की तुलना में हिंदू आबादी कम होने की बात लिखी गई है. इस रिपोर्ट में आजादी के बाद से अब तक संभल में कितनी बार दंगे हुए, इसका भी जिक्र किया गया है.

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