गरीबों में बांट दिए कीड़े वाले सरकारी चावल, बदबू की शिकायत भी नहीं सुनी गई
उत्तराखंड के किच्छा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से गरीबों को बांटे गए सरकारी चावल में कीड़े निकले. बोरियां खोलने पर राशन में से बदबू आ रही थी. इसके बाद खाद्य पूर्ति अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर खराब चावल वापस लिए और जांच की बात कही, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों की शिकायत तक नहीं सुनी गई.![उधमसिंह नगर: गरीबों में बांट दिए कीड़े वाले सरकारी चावल, बदबू की शिकायत भी नहीं सुनी गई उधमसिंह नगर: गरीबों में बांट दिए कीड़े वाले सरकारी चावल, बदबू की शिकायत भी नहीं सुनी गई]()
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां खुर्पिया फार्म स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर ग्रामीणों को जो चावल वितरित किया गया. उसमे सुंडियां और कीड़े निकले. गरीब जनता के हिस्से में खराब चावल जाने से न सिर्फ ग्रामीणों में रोष है, बल्कि सरकारी योजनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल के दौरान गरीब जनता को राहत देने के लिए 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन योजना की शुरुआत की थी. तब से लगातार देशभर में राशन कार्डधारकों को गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए दिए जा रहे हैं, लेकिन किच्छा क्षेत्र में जब लोगों को कीड़ों और सुंडियों से भरा चावल मिला तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.

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